Prasar Bharati

“India’s Public Service Broadcaster”

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KEY MEMBERS – AB MATHUR, ABHAY KUMAR PADHI, A. RAJAGOPAL, AR SHEIKH, ANIMESH CHAKRABORTY, BB PANDIT, BRIG. RETD. VAM HUSSAIN, CBS MAURYA, CH RANGA RAO,Dr. A. SURYA PRAKASH,DHIRANJAN MALVEY, DK GUPTA, DP SINGH, D RAY, HD RAMLAL, HR SINGH, JAWHAR SIRCAR,K N YADAV,LD MANDLOI, MOHAN SINGH,MUKESH SHARMA, N.A.KHAN,NS GANESAN, OR NIAZEE, P MOHANADOSS,PV Krishnamoorthy, Rafeeq Masoodi,RC BHATNAGAR, RG DASTIDAR,R K BUDHRAJA, R VIDYASAGAR, RAKESH SRIVASTAVA,SK AGGARWAL, S.S.BINDRA, S. RAMACHANDRAN YOGENDER PAL, SHARAD C KHASGIWAL,YUVRAJ BAJAJ. PLEASE JOIN BY FILLING THE FORM GIVEN AT THE BOTTOM.

Thursday, August 31, 2017

Kamal Sharma, Senior Announcer of Vividh Bharati, AIR retires on 31.08.2017





Kamal Sharma, one of the veteran senior announcer of Vividh Bharati, All India Radio, retired on superannuation today i.e. on 31.08.2017. After working at Akashvani Raipur, Indore and Ahmedabad, Kamal Sharma came to Vividh Bharati and won over thousands of listeners by his magical voice.

श्री कमल शर्मा जी 1979 में आकाशवाणी रायपुर केंद्र में कैजुअल एनाउंसर के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत किए थे | सन् 1983 से आप इसी केंद्र में नियमित उद्घोषक के पद ज्वाइन किए | 26 अगस्त 1957 को जन्मे श्री कमल शर्मा जी, वर्ष 1992 में देश की सुरीली धड़कन विविध भारती केंद्र मुंबई में ज्वाइन करने के बाद काफी लोकप्रिय हुए | आप अब भी रेडियो श्रोताओं के दिलों में राज कर रहे हैं |

Prasar Bharati parivar extends it's choicest best wishes for his future life anf reproduces below an emotional post of one of our colleague, Mrs Manisha Jain  and some Listeners ....

.... कुछ कहना हो और आपका कंठ अवरुद्ध हो जाए और शब्दों के देवता कूच कर जाएँ तो मान लीजिये आप कहीं भीतर दरक रहे हैं.. आज यही कैफियत रही दिल की.. मैं कमल शर्मा जी को आवाज़ की दुनिया का जादूगर कहूँ तो भी कम ही होगा..
आकाशवाणी इंदौर, अहमदाबाद के अपने कार्यकाल के दौरान कमल दा को सुनते हुए कई बार अपना काम रोका है मैंने, जब विविध भारती मुंबई में पोस्टिंग हुई और पहला कदम रखा तब भी रोमांचित थी उन्हें देखने के लिए..यूँ फोन पर बात हुई थी लेकिन उनसे मिलना और फिर लगभग ६ साल साथ साथ काम करना एक अद्भुत अनुभव रहा..
मेरा जन्म रायपुर का है और कमल दादा भी रायपुर के तो एक स्वाभाविक स्नेह तो था ही फिर उन्हें मैं राखी भी बांधती हूँ..हमेशा बड़े भाई सा स्नेह मिला उनसे..
कमल जी केवल अपनी आवाज़ से ही नहीं मोहते उनकी एडिटिंग और मिक्सिंग में भी वही मुलायमियत है जो मैंने उनसे सीखी..
कमल दा आज सेवा निवृत्त हो गए..एक बेमिसाल ब्रॉडकास्टर एक अद्भुत व्यक्तित्व कागज़ों पर हमसे बिदा हो गया..आपके साथ की कई रिकॉर्डिंग्स बहुत से प्रोडक्शंस हमारी धरोहर है दादा.. स्टूडियो नंबर ३ अब बहुत सूना लगेगा.. मैं उस गंभीर गहन आवाज़ को ढूँढूँगी..आपकी छोटी बहिन मनीषा आपको मिस करेगी..
मेरा सलाम..आप अपनी दूसरी पारी की शानदार शुरुआत करें..आपको दिल से शुभकामनायें..

श्री कमल शर्मा जी को आज सेवानिवृत्ति के अवसर पर रेडियो श्रोताओं ने इस प्रकार शुभकामनाएं दी है, जो आप सभी के अवलोकनार्थ सादर पेश है....
कमल शर्मा जी को समर्पित कुछ पंक्तियां...

है रेडियो का एक खूबसूरत आकाश, फैला जहाँ से गूंजित प्रकाश.
दिन का सूरज, रात का जो चंदरमा, वही तो है कमल शर्मा, वही तो है कमल शर्मा.
रेडियो की आ़न जो, कानों में घोलते मधुरस.
वी.बी.एस. की शान जो, छू लेते ऊर - अंतस .
और दिलों में जगाते जो अरमां.... वही तो है कमल शर्मा,वही तो है कमल शर्मा.
श्रोता दिलों की जो ज़ान, वो मखमली आवाज़.....
कैसे करूं मैं बखान....??? वे खनकतें परवाज़,
रेडियो बन गये जिनके करमा.... वही तो है कमल शर्मा, वही तो है कमल शर्मा.
दिल से हो सकती नहीं विदाई, यादों की बजती रहेगी शहनाई.
आरज़ु कुछ और नहीं, बस सुनता ही रहूँ..........
बनाकर जिन्हें अपना धरमा......... वही तो है कमल शर्मा, वही तो है कमल शर्मा.
राजेश कुमार बंजारे, मोहभट्ठा (छत्तीसगढ़)

खबर ये हम तक आई है हवाओ के हवालो से,
कमल सा खिला करते थे जो लोगो के दिलो मे इतने सालो से
उसकी सुरमई सी सदा तैर जाती थी फिजाओ मे,
एक शहद सा घुल जाता मनचली सी हवाओ मे,
एक मीठी सी आवाज जो पङती थी हमारे कानो में
चलते सडको पर बाजारो मे ,दुकानो मे।
वो आवाज अब थमने लगी है वो आग अब बुझी बुझी सी
एक बर्फ सी जमने लगी है।
आपने सुना क्या?? पुछ लेते थे अपने आसपास वालो से।
वो आवाज जिसे हम सुना करते थे इतने सालो से।
दूर हो जाओगे बेशक हमारी नजरो से
जा न पाओगे हमारे ख्वाबो से , खयालो से!! 
छविन्द्र सहारे "छवि" बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

Stay Blessed Kamal Bhai ......

Shri Murari Lal, UDC retiring from AIR Allahabad on 31.08.2017

Shri Murari Lal, UDC (Date of Birth 17.08.1957) of this station is retiring on 31.08.2017. He joined AIR, Varanasi in December, 1980 as a LDC. He has served approx. 37 years in AIR. He has also worked at AIR, Obra. He has given his great and precious contribution to AIR. He has worked in almost every section. Presently he is attached with programme wing. He has been fully devoted to his duties and maintained cordial relation with all wings. His contribution to AIR will always be remembered. 

AIR parivar wishes him a happy, healthy and peaceful retired life.

Prasar Bharati Parivar wishes him a very happy, healthy, peaceful and contended retired life. 

Information about other retiring officers (of all grades and disciplines) may be added on the blog. Please mail details of retiring friends from your station to pbparivar@gmail.com 
Retiring friends may also like to address their friends through this blog for which they can send their photo & write-ups to pbparivar@gmail.com for possible upload on the blog.

Contributed by :- Shri. B.R.Jaiswal, DDE, AIR Allahabad
allahabad@air.org.in

Smt.Anita Niraula,NRT of AIR,Gangtok retires on 31.08.2017


आपकी नियुक्ति आकाशवाणी गैंगटोक  के क्षेत्रीय समाचार एकांश में 12 मई सन 1989 ई. में नेपाली समाचार वाचक एवं अनुवादक के पद पर ग्रुप “बी” राजपत्रित अधिकारी के रूप में हुई थी। आपने अपने जीवन के 28 वर्ष 3 महीना और 19 दिन आधिकारिक रूप में एक सशक्त, प्रखर, धाराप्रवाह, आकर्षक एवं परिमार्जित भाषाशैली में नेपाली समाचार वाचक के कर्तव्यों के निर्वहन में अहम भुमिका निभाई है। अगर कहना ही पड़े तो कहेंगे कि आपकी सुरिली कोकिल कंठ से निकलती सरल भाषा में नेपाली समाचार सुन रहे नियमित श्रोता मंत्रमुग्ध नहीं हो जाता हों ऐसा नेपाली समाचार जगत में कोई विरल  ही होगा ।

वैसे तो आप सन 1978 ई. से ही समाचार वाचक के रूप में आकाशवाणी में प्रवेश की थीं किंतु सन 1982 ई. में आकाशवाणी गैंगटोक की स्थापना के बाद अस्थाई समाचार वाचिका के रूप में इस केन्द्र में कार्य करने लगी । आपकी बहुतसारी उपलब्धियाँ रही हैं। “ होनहार विरवान के होत चिकने पात” या यूँ कहें कि पूत के पाँव पालने में ही नजर आ जाते हैं वाली कहावत आपके ऊपर शतप्रतिशत चरितार्थ होती है। बाल्यावस्था से ही आपकी अभिरुचि नृत्य,अभिनय और नाटकों में थी। बाल कार्यक्रमों के माध्यम से रेडियो में प्रवेश; साठ के दशक में वर्षभर चलने वाले आकाशवाणी खरसांग द्वारा पन्द्र्हवर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिये आयोजित “ सुन्दरी प्रतियोगिता” में “मिस खरसांग” एवं नेपाली सांस्कृतिक कार्यक्रम में पार्श्व उद्घोषणा करनेवाली “ पहली सुत्रधार” हुईं। सिक्किम में वृतचित्र निर्माण करनेवाली पहली नेपाली महिला बनी। आपके निबन्ध एवं लेख हिमालय दर्पण, समय दैनिक, हिमाली वेला, स्वर्णभुमि जैसे पत्र-पत्रिकाओं में आज भी प्रकाशित हो रहे हैं । हिन्दी कवितायें एवं लेख आदि पूर्वोत्तर , क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं ।

सन 2014 ई. में “ ब्लैक एण्ड ह्वाईट” सिक्किम में आपकी पुस्तक “ संगीतभित्रकाहरु” प्रकाशित हुई। उसके बाद 6 जनवरी सन 2015 ई. में आपको हिमालचुली ग्रुप ऑफ टूरिज्म इन्ड्स्ट्रीज , सिक्किम द्वारा “प्रथम स्व. शोभा राई बरदेबा खोजी पत्रकारिता” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आपका नाम इण्डिया बूक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी समाविष्ट हो चुका है। इस प्रकार आपने जो अनेकों उपलब्धियाँ हासिल की हैं उसे विस्तृत रूप में यहाँ इस छोटे से अभिनन्दन-पत्र में समावेश नहीं कर पा रहे हैं । श्रीमती निरौलाजी ! आप बहुमुखी प्रतीभा की धनी हैं । यह कहना अतियुक्ति नहीं होगी कि माँ सरस्वति का आपके ऊपर सदा से आशिर्वाद रहा है ।

इस बिदाई समारोह के आयोजन के इस क्षण में आपके प्रति श्रद्धाभाव,अगाध प्रेम और स्नेह अभिव्यक्त करने में हमारे लिए मर्माहत क्षण का आभास हो रहा है। कार्यालय से सम्बन्धित कार्य सम्पादन के समय जाने-अनजाने में हुई भूल या कोई अपशब्द से आपको आघात पहुँचा हो तो उसके लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं। अंत में , आपका यह सेवा-निवृत जीवन हर पल सुख, शान्ति एवं सदानन्द में व्यतित होता रहे तथा भविष्य में आपके व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जीवन सुस्वस्थ्य और दीर्घायु हो यही मंगलमय कामना करते हुए शुभकामना व्यक्त करते हैं।

प्रसार भारती परिवार उनको इस निवृत्ति पश्चात जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाए देती है । 
अगर कोई अपने ऑफिस से निवृत्त होने वाले कर्मचारी के बारे में कोई जानकारी ब्लॉग को भेजना चाहते है तो आप जानकारी pbparivar @gmail .com पर भेज सकते है

द्वारा योगदान :- श्री. अपूर्व साहा , उपनिदेशक (अभियंत्रिकी)
द्वारा अग्रेषित :- श्री. सुरेश शर्मा 
suresh.airgtk@gmail.com

Superannuation Function of Executive Engineer CCW, Jaipur, Shri Dinesh Mishra at AIR, Jodhpur



Shri Dinesh Kumar Mishra, Executive Engineer of CCW, Jaipur, superannuated today after a distinguished service of 42 years. Shri Mishra Joined State Government job as instructor in a Technical Education Department on 08th October 1975, and after working there he joined All India Radio on 12/02/1988. Mr.Mishra worked in CCW in different capacities at Faridabad, Kota, Gwalior and Jaipur. A farewell party was organised in his honour at All India Radio, Jodhpur.

Mr. Mishra has a happy family consisting of two sons and one daughter, all happily settled. May he have a happy and healthy retired life.

Source:Anil Kumar Goel

Shri Papanasam Kumar, Staff Artist, AIR Chennai Retires on 31/08/17.


Born into a family of musicians with rich lineage and steeped in pedigree music, Papanasam Kumar is the grandson of Sri Papanasarn Rajagopala Iyer, brother of Sangeetha Kalanidhi Sri Papanasam Sivan. A child prodigy, Papanasam Kumar started his career as a percussionist and singer, accompanying and singing with Sri Papanasam Sivan at the tender age of five for Namasankeerthanams.

An ‘A’ Grade Mridangam Staff Artist, All India Radio since 1993, Papanasam Kumar has been groomed under the tutelage of the legends "Laya Vadhya Kovida" Kumbakonam Sri Rajappa Iyer and "Sangeetha Kalanidhi" Umayalpuram K Sivaraman. He has won many accolades and titles including the Kanchi Kamakoti Peetarn - "Aasthaana Vidhwan", "Laya Vadhya Kovida", "Kalai Valar Mamani" by Tamil Nadu Cultural Association, "Laya Priyan" by Vaikathashtami Sabha, Madurai, and 'Laya 
Vidyadhara" given by Irai Pani Mandram Chennai.

He is a regular performer at various sabhas including Music Academy, Parthasarathy Swamy Sabha,Rasika Ranjani Sabha, Nadopasana Trust, SAFE, Kanchi Kamakoti Petam, Sri Ram Samaj (Ayodhya Mantapam),Mylapore Fine Arts Club, Sri Krishna Gana Sabha ,Sri Narada Gana Sabha, Indian Fine Arts Society, Hamsadwani, Thyaga Brahma Gana Sabha, Karthik Fine Arts, and Sathguru Thyagaraja Aradhana Festival at Thiruvaiyaru since 1974. Papanasam Kumar has also accompanied leading musicians in major Sabhas in Mumbai, Kolkata, Delhi, Hyderabad, Kerala, Karnataka and many other places in Tamilnadu. He has also produced a number of CD's and Cassettes. Throughout his service career, he has been a very sincere, dedicated staff artist of All India Radio. 

All the Staff of AIR, Chennai and Prasar Bhararti Parivar wish Papanasam Kumar a very happy, peaceful and healthy retirement life.

Contributed by :- All India Radio Chennai.airchennai4@gmail.com

Shri Sirivella Enakondaiah, Engineering Assistant, All India Radio, Vijayawada retires on 31.08.2017

Shri Sirivella Enakondaiah, Engineering Assistant, All India Radio, Vijayawada retires on superannuation on 31.08.2017. He  joined as Technician at All India Raido, Vijayawada on 12.10.1984. He was transferred to All India Radio, Bangalore on promotion as Senior Technician on 22.04.1988. He worked at AIR, Kothagudem, D.D.K, Vijayawada as Senior Technician. And again he promoted as Engineering Assistant on 22.04.1999 at LPTV, Bhimadolu. He served LPTV, Machilipatnam, DDK, Vijayawada and AIR, Vijayawada as Engineering Assistant. All India Radio, Vijayawada Staff members wishes Shri Enakondaiah a Healthy retired life.

Prasar Bharati Parivar wishes him a very happy, healthy, peaceful and contended retired life. 

Information about other retiring officers (of all grades and disciplines) may be added on the blog. Please mail details of retiring friends from your station to pbparivar@gmail.com 
Retiring friends may also like to address their friends through this blog for which they can send their photo & write-ups to pbparivar@gmail.com for possible upload on the blog.

Contributed by :- Shri. Venkateswara Rao Meka,venkateswararaomeka2@gmail.com

REGIONAL OFFICIAL LANGUAGE WORKSHOP & SEMINAR AT VIZAG











Regional Ofifcial Language workshop & Seminar (South Zone) was held in Visakhapatnam on 17th and 18th of August 2017. Sri Satya Prakash, Joint Director (Official Language), DG:Doordarshan, New Delhi chaired the above two days conference. The programme was started with prayer followed by lighting of lamp by Sri G. Nageswara Rao, Vice Chancellor, Andhra University, the Guest of Honour and other invitees. After Inaugural Ceremony by Sri Satya Prakashji, Sri S.M.Iqbal, Professor, Andhra University, Visakhapatnam has given valuable suggestions for improvement of usage of Hindi in Southern part of India. Sri Raju Vergheese, DDG(E), AIR & Doordarshan, Chennai addressed the gathering in the Inaugural session.In the second session, Sri Aruni Trivedi, Lecturer, HTS, Visakhapatnam explained in detail the implementation of Official Language in Govt. Offices and the problems facing in implementing the same. He cleared the problems faced in general in implementing OL in day to day work. It was a very fruitful session.The last session of the Day completely belongs to Sri Satya Prakashji. He vividly explained the various orders relating to OL and its implementation. 

Session 1 of Day 2 was the most relishing session. With the permission of DG:Doordarshan, New Delhi, a complete session was arranged on GST, the debate of the present day. As most of the delegates from South Zone were being attended, to get clarity on the most common doubts, it was arranged. Senior Officials from Customs and Central Excise, Visakhapatnam have been invited. They gracefully respond and made the session very interesting and interactive.In the 2nd Session, Sri Satya Prakashji elaborately explained the targets and the tips in achieving them as per the Annual Calendar. He also explained the Parliamentary questionnaire on usage of Official Language.

Sri Mukul Saran Mathur, Divisional Railway Manager and Chairman TOLIC, Visakhapatnam attended the last session as a special invitee and shared his views for better implementation of Official Language. The closing ceremony was ended with Vote of Thanks by Sri C. Subbarao, DE, HPT, Visakhapatnam.The entire event was well compared by Sri Varadarajan, AD (OL), O/O ADG, Bengaluru. In fact, it is not exaggerate to say that his comparing made the event even more colourful.
More than 50 delegates from various field offices of South Zone viz. Heads of Offices along with their Hindi Officers took part in the above seminar. The staff members of HPT & DMC Visakhapatnam and its attached Relay Centres contributed in making the event a grand success under the guidance of Sri C. Subba Rao, DE, HPT, Visakhapatnam and Sri J. Krishna Rao, DDE, DMC, Visakhapatnam, duly following the instructions issued from time to time by DG:Doordarshan, the event planner and sponsor.

Contributed by :- Shri. Subbrao C,hpt.vizag@gmail.com

Inspiration-This Family Did Not Send Their Children to School, but Taught Them by Creating a Forest.




Sarang Hills is a repository of knowledge gathered over 30 years of saying no to formal education, living close to nature and learning from everyday life.Thirty-six years ago, Gopalakrishnan and Vijayalekshmi decided that their yet-to-be-born child will not go to school. As government school teachers, they were themselves disillusioned with the limitations of formal education and how it left children unprepared to deal with life.This dream school, which they fondly named Sarang, was to be nothing like what traditional schools were – no certificates, no rote learning, no ‘one-size-fits-all’ curriculum.

In 1994, the couple quit their jobs and started working on Sarang. Their first student, naturally, was their son, Gautham. Instead of staring at black boards, the children set off their learning on a massive canvas – a barren land that Gopalakrishnan and Vijayalekshmi bought in Attappady, near Palakkad, Kerala.The children of Sarang, friends and well-wishers joined Gopalakrishnan and Vijayalekshmi in their dream to revive the land. The task was by no means ordinary or easy. While their neighbours gave up their battle with the harsh terrain and left the hills, the Sarang family stayed on the hilltop, determined to bring greenery back to the hills.

They learned their physics, biology, geography, mathematics, chemistry and environmental science by seeing, feeling and doing. They also learned language, art and culture.But the children who started this work could only be part of it for two years. By the end of 1995, the 50 odd children who learned at Sarang had to discontinue their wonderful journey.Gautham, who is 36-years-old today, did not go through formal schooling throughout his life. Gautham says, “I saw other children going through the pressures of school while I found myself curious to learn. When I was just 10-years-old, I stayed away from home with my cousin to learn the martial art of Kalaripayattu. We were on our own, cooking our food, washing our clothes and being responsible for each other. Out of curiosity about how a radio works, I became an apprentice at a local radio shop. I cleared the amateur wireless operator’s exam at the age of 14 and became a Ham Radio hobbyist”.

Source and Credit:https://www.thebetterindia.com/112174/sarang-hills-alternate-school-sustainable-living/

Wednesday, August 30, 2017

आकाशवाणी खंडवा - न्यू इंडिया मंथन- संकल्प से सिद्धि के अंतर्गत किसान सम्मेलन

  
आकाशवाणी खंडवा द्वारा स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र खंडवा में  दिनांक 26 अगस्त 2017 दिन शनिवार  को  न्यू इंडिया मंथन- संकल्प से सिद्धि के अंतर्गत आयोजित किसान सम्मेलन की रिकॉर्डिंग की गयी।   किसान सम्मलेन में  मुख्य अतिथि खंडवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री देवेंद्र वर्मा और विशेष अतिथि मान्धाता  विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री लोकेन्द्र सिंह तोमर थे।  विधायक श्री देवेंद्र वर्मा ने किसान सम्मलेन में उपस्थित अधिकारी/कर्मचारी , जन प्रतिनिधि और किसान भाइयो को भारत सरकार के  अभिनव अभियान न्यू इंडिया मंथन- संकल्प से सिद्धि के अंतर्गत संकल्पों की शपथ दिलाई।  

किसान सम्मलेन  में  भगवंत राव मंडलोई कृषि महाविद्यालय खंडवा के अधिष्ठाता डॉ पी पी शास्त्री ने किसान भाइयो को कृषि की उन्नत तकनीकों से खेती करने की सलाह दी और कृषि विज्ञान केंद्र खंडवा के केंद्र प्रमुख डॉ डी के वाणी ने कृषि आय को दोगुना करने के लिए खेती के परंपरागत तरीकों के अलावा उद्यानिकी , पशुपालन , दुग्ध उत्पादन, मत्स्यपालन को अपनाने के लिए आवश्यक जानकारी दी।  किसान सम्मलेन में  कृषि और कृषि से जुड़े विभागों के अधिकारी/कर्मचारी  के साथ साथ  बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।   
आकाशवाणी खंडवा से  न्यू इंडिया मंथन- संकल्प से सिद्धि के अंतर्गत किसान सम्मेलन की रेडियो रिपोर्ट का प्रसारण  दिनांक 29 अगस्त 2017 को  शाम 7.30 बजे  किसानवाणी कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया। रेडियो रिपोर्ट को प्रस्तुत किया कार्यक्र्म निष्पादक श्री असीम कैथवास ने ।
Blog Report-Praveen Nagdive, ARU AIR Mumbai

Glimpse of agency client meet of CSU,Mumbai

"How truly they say "As we come together, we grow together". 

























Central sales unit , All India Radio takes extreme pride to have successfully hosted the agency client meet on Tuesday,the 22nd of August,2017. We are honored to have Shri. Ashok Nigam ADG (commercial) and Shri. M. S. Thomas ADG (WR I &II ) with us on the dais. Shri. Sudhir Sodhiya DDG (E) AIR Mumbai and Shri. B.D. Mistry ADP CBS AIR Mumbai were also present on the dais to grace the occasion. Also ,we cant express how grateful we are to our agencies and clients ,who have accepted our invitation and spared out their valuable time to make this meet a success. 
Mr. Ravindra Khasnis ( Head of Office) , Mrs. Renu Chaturvedi (ADP) and the whole team CSU is humbled and delighted."

Contributed By :- Mohit Sharma  ,sharma.mohit87@gmail.com

ILLAM NIRA – Yuvvani Onam Programme at AIR, Thiruvananthpuram













As a part of Onam Celebrations, “Yuvavani” Section of All India Radio, Thiruvananthapuram organized a programme “ILLAM NIRA” – Yuvavani Onam Gathering-2017 on 18.08.2017 at Sopanam Auditorium, Kollam. Variety of cultural programmes by the students of various colleges showcased their talents in the field of art & culture.
  
Source : Vinod Kumar, Stenographer Gr.I

Tuesday, August 29, 2017

WELCOME NEW MEMBERS

Name
SANJAY GUPTA
City of residence
Designation
Phone
How can you contribute


Name
NEW DELHI
Existing Employee
9818360669
Contribute To Blog By 
Authoring Stories  

RAVINDRA PARMAR
City of residence
AHMEDABAD
Designation
Programme Executive  
Phone
Email
Date of Birth
How can you contribute
9427007097
ravindrajoy@rediffmail.com  
31/01/1967      
Write for betterment of PB 

Name

AJIT KUMAR RAI
City of residence
Designation
Phone
Email
Date of Birth
How can you contribute
GORAKHPUR
Technician   
9450151999
ajitrai17@gmail.com  
02/09/1977      
Inform others to join

Name

RAKESH PANARA
City of residence
AHMEDBAD
Designation
Phone
Email
Date of Birth
How can you contribute
Sr Technician
9426375282
rakeshpanara@gmail.com   
03.03.1964     
Write for betterment of PB

Name

RAMESH KUMAR VERMA
City of residence
Designation
Phone
Email
Date of Birth
How can you contribute
DELHI  
A.E.    
9868791800
verma4901lko@gmail.com   
01/01/1969      
Inform others to join

Name

  SAHADEVAN M.R.
City of residence
Designation
Phone
Email
How can you contribute
  BENGALURU   
  Assistant Engineer    
  9481887757  
  mrsahadevan@rediffmail.com  
  Form local AIR/DD
  Clubs/Listener Forum

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GUIDELINES FOR CGHS BENEFICIARIES


Treatment package for all wards, includes following charges
Admission charges,
Accommodation charges,
ICU / ICCU charges,
Monitoring charges,
Operation charges,
Anesthetic charges,
Theatre charges,
Cost of drugs and disposable surgical expenses,
Physiotherapy charges in hospital,
If one or more lower level treatment procedure become part of a major treatment procedure, then the package expenses would be charged against the major procedures. The half amount of actual charges billed for the minor treatment procedure would be included in the package amount of the first major treatment procedure.
In order to dispel some doubts prevalent amongst beneficiaries of the scheme an effort has been made to provide some guidelines for the benefit of the members.
ELIGIBILITY
Central Govt. pensioners their spouses, dependent sons. below 25 years of age, daughters till the date of marriage or the date from which they start earning and dependent parents are eligible. Disabled Sons with 40% or more disability are also eligible even beyond the age of 25 years.RATES FOR MEDICAL PROCEDURES
Rates for medical procedures, tests/investigations carried Out by NABL, Non-NABL hospitals and diagnostic laboratories are prescribed by Govt. from time to time.
ISSUE OF CGHS CARDS
Persons retiring from offices/establishments, located in CGHS covered areas, will be issued CGHS cards on the day of retirement, if they opt for CGHS coverage after retirement. Pensioner residing in Non-CGHS covered areas can also enroll themselves and eligible family members in the Weliness Centers nearest to their place of residence or any Wellness Centre by submitting application along with necessary documents to Addl/Jt. Director of the area. CGHS cards can also be issued to pensioners for indoor treatment only while they can continue to draw F.M.A.
VALIDITY
Plastic Card and CGHS token cards are valid for obtaining treatment at Wellness Centers throughout India.
INDOOR TREATMENT
Indoor treatment is provided to the beneficiaries in any of the empanelled hospitals on the recommendation of CMO Incharge. Depending upon the nature of treatment required the patient is referred to the hospital registered for the specific treatment viz. cardio, ortho, eye, general purpose etc.
EMERGENCY TREATMENT
In case of medical emergency beneficiaries and eligible members may obtain indoor treatment from any Govt./Recognized, Private Hospital approved under CSMA rules besides empanelled hospitals without recommendation of the CMO Incharge. Reimbursement for treatment in Private/Govt. Hospitals will be subject to CGHS approved rates.
DIAGNOSTIC TEST
Patients referred to Govt. Hospitals/Institutes for OPD Treatment can undertake diagnostic tests/investigations at the empanelled laboratories/centers, if recommended by the hospital, directly without reverting to Wellness centre for permission. It may be ensured in such cases that the hospital prescription slip is signed by the assistant professor / specialist of the hospital.
NOTE :- Please do carry your token card / plastic card while attending Wellness Centre, Collecting indented medicines, attending empanelled hospitals / labs / diagnostic centers.
After 7th CPC new CGHS Room Entitlement as per the basic payment/ pension amount.
Corresponding Basic Pay drawn by the officer in 7th CPC per month and Ward entitlement
1 Up to Rs. 63,100/- General
2 Rs. 63,101/- to Rs. 80,900/- Private
3 Rs. 80,901/- and above Deluxe/Private
Monthly contributions for availing CGHS facility :- 
1) Level 1 to 5 - Rs. 250/-
2) Level 6 - Rs. 450/-
3) Level 7 to 11 - Rs. 650/-
4) Level 12 and above - Rs. 1000/-

Monday, August 28, 2017

Why listening to Radio is Special even in the age of TV



There is always the opportunity in India to make excellent radio programmes that are not news or current affairs, but unfortunately the private sector broadcasters have not taken up that opportunity
Recently I had a bout of an unpleasant complaint called Menieres Disease. The symptoms are unfortunate as well as unpleasant because they include severe vertigo, which makes a victim look as though he/she is drunk — lurching about the place and even falling down. The vertigo can be brought on by reading, particularly reading, and by looking at television screens. So I found myself doing a lot of listening. That has prompted me to write about the pleasure of listening quietly in today’s noisy world. First of all what did I listen to? As a school boy I enjoyed Charles Dickens but in my adulthood I found I was too impatient to persevere with his lengthy prolix novels. So with plenty of time on my hands I decided to have another go at two of them, this time of course listening to them rather than reading them. I listened to a reading, called an audio book, of the entire story of David Copperfield, which contains some of Dickens best known characters, David himself searching for a home, Micawber, always in debt but always optimistic about finding a way out of it supported by his long-suffering wife, and there is of course the repulsive, miserly, hypocrite Uriah Heap Encouraged by my enjoyment of David Copperfield, I turned to the Pickwick Papers. I heard a BBC Radio drama recording of the comic adventures of that irrepressible gentleman. Then I listened to the renowned BBC foreign correspondent, the late Charles Wheeler’s radio documentary about national service. I was reminded, sometimes uncomfortably, sometimes with amusement, of the two years I spent in the British Army. I listened to poetry too; and of course music.I always listen to the news on radio but I spent more time doing that when Menieres Disease struck me because I couldn’t read newspapers. I heard wonderfully weird radio programmes too, including one about beards in which I heard the presenter having his beard trimmed.

Whenever I talk to students of journalism in India about radio I am told “It’s dead. Killed by television”. As the presenter of a radio programme broadcast in Britain I know that’s certainly not true there. Here, for some reason, I have never been able to understand, while the government has lost control over television it retains a monopoly over radio news. Of course there is always the opportunity in India to make excellent radio programmes that are not news or current affairs, but unfortunately the private sector broadcasters have not taken up that opportunity. All India Radio does make some excellent documentaries but they are difficult to find because so little effort is made to publicise them.Having got my gripe about radio in India over, I want to return to the charm of listening. There are, in my view, three reasons why listening is special. The first is that listeners have to create their own pictures. That’s why broadcasters say “the pictures are better on radio”, and why the former head of BBC Radio, Liz Forgan, once said to me, “Radio has a great future provided you don’t start putting pictures to it.” That is a temptation in these days of digital radio.Creating one’s own pictures requires concentration and imagination. Because they are listeners’ own pictures and because creating them needs effort they stick more firmly in the mind than pictures which are provided for them.That is the second reason why listening has a special quality. The third is that listening is usually a solitary occupation which makes it peculiarly intimate. Radio broadcasters can give listeners the impression that they are speaking to them individually. Prime Minister Narendra Modi sometimes achieves that impression in his Maan Ki Baat broadcasts. I assume that is why he has chosen radio as the medium for those broadcasts.I first learnt to love listening when I was a small child and my mother used to read to me. I didn’t need Menieres Disease to remind me of the special pleasure it gives but listening did mean I felt no deprivation when I couldn’t read or watch the television. It meant more than that. It meant I could spend my time well.

Source and Credit :- http://www.hindustantimes.com/opinion/why-listening-to-the-radio-is-special-even-in-the-age-of-tv/story-E46Cd7VAj4KzMBkx8AtAmI.html
Forwarded by
:- Shri. Alokesh Gupta alokeshgupta@gmail.com

भावपूर्ण श्रद्धांजलि : Remembering Shri Anup Mallick, EA, DDK, Kolkata on his 1st death anniversary


Shri Anup Mallick, EA, DDK, Kolkata had passed away on this date (28-08-2016) one year back leaving behind his wife. He was just 48 years old. A young guy, he was very active in social sector even outside office.

Prasar Bharati Parivar pays emotional tribute to him on his first death anniversary and request parivar members at AIR & DDK Kolkata to try contacting the family of late Mr. Anup Mallick, communicate our feelings, share their well being with us, using the comment button below or mailing to pbparivar@gmail.com and assure them all help from PB Parivar.

Do's and Dont's for Pensioners



DOs
1. A copy of every communication regarding pension is required to be endorsed to the pensioner by each node of pension delivery. Please ensure that your full contact postal address (preferably with PIN code) is always updated. Promptly intimate any changes of address to: -
a. Your Bank Branch
b. The Head of Office and the PAO in the Ministry from where you retired;
c. Central Pension Accounting Office
2. There should be proper nomination for pension account. Please retain the acknowledgement received from the bank carefully. It is advisable to open a joint account with your spouse if you are pensioners so that she/he does not hardship later.
3. Please direct your bank branch with proof establishing your Identity for first appearance at Paying Branch alongwith the copy of the special seal authority.
4. CPAO has sent two halves of PPO - the pensioner's and the Bank's. Your half of the PPO is to be handed over to you by your Bank branch when they call you for verification. Your signature will be obtained on their half for their record.
5. Please produce proper and acceptable evidence of eligible savings from time to time for the purpose of Income Tax calculation by the Bank.
6. Please collect Certificate of Income from pension from bank at the close of financial year, even if income tax is not deducted from the pension. Please collect form-16- income tax was deducted.
7. Please furnish Life Certificate early in the month of November every year.
8. A pensioner who produces a life certificate in the prescribed form in Annexure -XVII signed by any person specified hereunder, however, is exempted from personal appearance- :-
(i). A person exercising the powers of a Magistrate under the Criminal Procedure code;
(ii). A Registrar or Sub-Registrar appointed under Indian Registration Act;
(iii). A Gazetted Government servant;
(iv). A Police Officer not below the rank of Sub-Inspector in -charge of a Police Station; Offices;
(vi). A Class-I officer of the Reserve Bank of India, an officer (including Grade II officer) of the State Bank of India or of its subsidiary;
(vii). A pensioned Officer who, before retirement, exercised the powers of a magistrate;
(viii). A Justice of Peace;
(ix). A Block Development Officer, Munsif, Tehsildar or Naib Tehsildar;
(x). A Head of Village Panchayat, Gram Panchayat, Gaon Panchayat or an Executive Committee of a Village;
(xi). A Member of Parliament, of State legislatures or of legislatures of Union Territory Governments /Administrations.
(xii). Treasury Officer.
In the case of a pensioner drawing his pension through a Public Sector Bank the life certificate may be signed by an officer of a Public Sector Bank. In the case of a pensioner residing abroad and drawing his pension through any other bank included in the Second Schedule to the Reserve Bank of India Act, 1934, the life certificate may be signed by an officer of the Bank, A pensioner get exemption from personal appearance subject to production of Life Certificate signed by the above mentioned officer of the bank.
A pensioner not resident in India in respect of whom his duly authorized agent produces a life certificate signed by a Magistrate, a Notary, a Banker or a Diplomatic Representative of India is exempted from special appearance.
9. Non-employment Certificate/Re-employment Certificate should also be furnished every year in the month of November/May & November in case of retired Group 'A' officer.
10. Please apply in a prescribed proforma to the paying branch for restoration of commuted portion of pension on completing 14 years and 11 months in case your bank does not have a CPPC.
11. Please provide the Pensioner's half of the PPO to your paying Bank Branch in the case of revision of pension for entry of enhanced pension with break up in this half.
12. Please ask for a due and drawn statement from your bank branch in case you have received any arrears in a lump sum.
13. Please ask for a pension slip with break up of in case of any doubt from bank branch
14. If Pensioner's half is lost, worn or torn, a written request is to be immediately made to your paying Bank branch alongwith Pensioner's half of PPO (if available).
15. Please keep all your Pension related documents including Pensioner's half of PPO, safely, as these are important documents.
16. For any clarification on pension payments, contact your bank branch grievance officer of the Bank or CPAO Toll Free /Call Centre 1800 11 7788.

DON'Ts
1. Do not delay in submitting the Pension Papers before retirement as it ultimately effects the time schedule to be followed by the various offices as under: -
(i). Pay & Accounts Officer issuing PPO - Despatch of PPO by PAO to the CPAO on the last working day of the month preceding the month of retirement
(ii). Central Pension Accounting Office (CPAO) - Despatch of PPO by CPAO to Link Branch of PSB by 20th of the month of retirement
(iii). Link Branch - Despatch of PPO by Link Branch to paying branch by 23rd of the month of retirement.
(iv). Paying Branch - Paying Branch will complete all formalities and ensure that the pension has been credited to the pensioner's account on the last date of the month.
2. Please do not provide address and contact number which is likely to change in immediate near future. Please update your address by informing your bank branch, PAO, CPAO and DDO of the ministry you retired from.
3. In case you wish to change your bank or bank branch for pension disbursement, do not close your pension account unless new account is confirmed for pension disbursement.
4. Please do not fail to check whether you are receiving full pension/family pension authorized by the Govt. of India to you including is related pension with Dearness Relief if you are aged 80 and above.
5. Please do not forget that under the scheme of pension department through authorized banks, banks are required to pay pension to each pensioner by the last day of the month and the Govt. of India fully.

Authority: www.cpao.nic.in
Source and Credit :- https://90paisa.blogspot.in/2017/08/dos-and-donts-for-pensioners.html

श्रद्धांजलि : आकाशवाणी के कर्मयोगी इंजी0 विजय बहादुर राय, IBES, का स्मरण पर्व !



मूलत:ग्राम पतनई,दोहरीघाट,मऊ(उ.प्र.)के निवासी स्व. इंजीनियर विजय बहादुर राय IBES ,पूर्व केन्द्र अभियन्ता और कार्यालय प्रमुख की आठवीं पुण्यतिथि पर 28अगस्त को उनके परिवार और आकाशवाणी गोरखपुर के लोग अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी सेवाओं को याद कर रहे हैं।इस कर्मयोगी ने आकाशवाणी की अपनी दीर्घकालीन सेवा की शुरुआत ई.ए.के रुप में आकाशवाणी बीकानेर से 1972 में की थी ।1973में वे आकाशवाणी गोरखपुर आ गये ।1980में लेह जैसे दुर्गम केन्द्र पर उनकी नियुक्ति हुई।वहीं प्रमोशन पाकर एस.ई.ए.बने।1984में ए.ई.,1992में ए.एस.ई. और 2003में केन्द्र अभियन्ता पर पर पदोन्नति मिली।ज्यादातर अवधि आकाशवाणी गोरखपुर को देने वाले राय साहब को आकाशवाणी प्रसारण की तकनीक में विशेषज्ञता हासिल थी।स्टूडियो की मशीनें हों या उच्च शक्ति ट्रांसमीटर का रख रखाव ,दोनों जगहों पर उनकी पकड़ मजबूत थी।अपने मृदुल व्यवहार के कारण वे कार्यक्रम ,प्रशासन और तकनीकी सभी विभागों में प्रिय थे।मुझे भी उनके साथ लम्बी अवधि तक काम करने का स्मरणीय अवसर मिला है जब मैं आकाशवाणी गोरखपुर में प्रसारण अधिशासी के रुप में नियुक्त था ।वे उन दिनों ई.ए.और फ़िर एस.ई.ए.और ए.ई. के रुप में कार्यरत थे।उन दिनों भी शिफ्ट की ड्यूटी हुआ करती थी और अनवरत प्रसारण के लिए जाड़ा,गर्मी,बरसात,बीमारी,सूखा और बाढ़-सभी हालात में "दि शो मस्ट गान" की उक्ति में हम दोनों विश्वास किया करते थे।कदाचित यूं भी होता था कि सुबह के ट्रांसमिशन में उनके टेकनिशियन समय पर स्टूडियो न पहुंच सके हों और इधर अपने एनाउंसर तब भी हम दोनों में इतना सामंजस्य रहता था कि ठीक 5-53पर संकेत धुन फेड इन हो ही जाया करती थी।सुबह आठ बजे से दिल्ली/लखनऊ रिले जब शुरु हो जाता था तो कन्ट्रोल रुम में हम सभी जुटकर चाय पीते थे।राय साहब कम ही बोलते थे लेकिन सुनते सबकी थे।उनके अधरों की मंद- मंद मुस्कान तो अभी भी दिल में उतरा करती है।रात की शिफ्ट जब समाप्त होती थी तो वे स्वयं सबसे पहले महिला उदघोषिका को उनके घर उतारने के लिए ड्राइवर को परामर्श देते चाहे कितनी भी दूर वे रहती हों। यह उनकी सदाशयता का परिचायक था।एक और मज़ेदार याद शेयर करने से अपने को रोक नहीं पा रहा हूं।उन दिनों इन्हीं के हमनाम,कद काठी में भी लगभग एक समान श्री विंध्यवासिनी राय,एफ.आर.आर., भी उसी केन्द्र पर नियुक्त थे।अक्सर उन दोनों से मिलने जुलने वाले लोग जब उनका शार्ट नाम (वी.बी.राय)लेकर हम सबके पास ड्यूटी रुम में आते तो हम लोग इनके मिलने वालों को उनके पास और उनके मिलने वालों को इनके पास भेज दिया करते थे।बाद में ये दोनों जब मिलते तो ख़ूब हंसी ठिठोली होती।राय साहब अपने सीनियर्स की बहुत इज़्जत करते थे।इसीलिए वे हमेशा उनके प्रिय बने रहे।उन दिनों गोरखपुर में रह चुके अधीक्षण अभियंता श्री एस.एम.प्रधान से पिछले दिनों हुई मेरी एक मुलाक़ात में भी उनका भी जिक्र आया था।कुल मिलाकर राय साहब का व्यक्तित्व सम्मोहक था।उनकी कार्यकुशलता और सुयोग्यता का ही यह परिणाम था कि आकाशवाणी गोरखपुर में विभिन्न पदों पर रहने के बाद एक ऐसा भी समय आया कि वे वहीं के कार्यालय प्रमुख भी बने।

आइये,उनकी पुण्यतिथि पर उनके जीवन वृत्त पर एक विहंगम दृष्टि भी डाल लें।
जन्म - 02 जुलाई 1951, ग्राम-पतनई, पोस्ट- दोहरीघाट, तत्कालीन आज़मगढ़ (अब मऊ जिला)।
पिता - स्व0 रामनाथ राय, ऑडिटर, बजट अनुभाग, लखनऊ सचिवालय, उ0प्र0।
माता जी- स्व0 फूलमती देवी।वे कुल 3 भाई थे और उनकी 2 बहनें थीं।भाइयों में वे सबसे बड़े थे। इनसे छोटे भाई- श्री तेज बहादुर राय, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियन्ता, उ0प्र0 पावर कारपोरेशन और सबसे छोटे भाई- श्री राज बहादुर राय, शिक्षा विभाग में प्राध्यापक हैं। कक्षा 8 तक उनकी शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल में हुई ।1965 में उन्होंने हाई स्कूल परीक्षा (प्रथम श्रेणी में कुर्मी क्षत्रिय हायर सेकेण्डरी (अब रामाधीन सिंह इंटर कालेज), बाबूगंज, लखनऊसे उत्तीर्ण किया तो 1967 में इंटर में भी प्रथम श्रेणी लेकर राजकीय जुबिली इंटर कालेज, लखनऊ में अपनी मेधा का प्रदर्शन किया।उच्चतर शिक्षा की दिशा में उन्होंने B.Sc.- 1969 में एक बार फिर प्रथम श्रेणी में लखनऊ विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण किया और अपनी स्वर्णिम शैक्षिक उपलब्धियों को उस समय आसमान पर पहुंचा दिया जब वर्ष 1971में उन्होंने रेडियो कम्युनिकेशन विषय लेकर एम.एस.सी.परीक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। उन्होंने नौकरी की शुरुआत उ.प्र.सरकार के सिचाई विभाग में "शारदा सहायक परियोजना" में "सुपरवाइजर" के पद से की। आकाशवाणी की सेवा में वे 01 जनवरी 1972 को आए जब भारत-पाक युद्ध चल रहा था।आकाशवाणी बीकानेर में "अभियांत्रिकी सहायक (E.A.)" के पद पर उनकी नियुक्ति हुई।वे अक्टूबर 1973 में आकाशवाणी गोरखपुर के लिए स्थानांतरित होकर आये।यहां से 30 जून 1980 को आकाशवाणी, लेह-लद्दाख, स्थानांतरित हो गये।
वरिष्ठ अभियांत्रिकी सहायक (S.E.A.) पद पर 16 अप्रैल 1982 को आकाशवाणी लेह में ही प्रमोशन मिला। जुलाई 1982 में वे पुनः आकाशवाणी गोरखपुर वापस आये।इसके बाद उनका प्रमोशन सहायक अभियन्ता (A.E.) के रूप में जनवरी 1984 में गोरखपुर केंद्र पर ही हुआ । उन्होंने संस्थापन अधिकारी ( Installation Officer), Projects (1989-1992) के रूप में आकाशवाणी गोरखपुर में 50 KW शार्ट वेव ट्रांसमीटर, आकाशवाणी लखनऊ के चिनहट ट्रांसमीटर, और आकाशवाणी वाराणसी के सारनाथ ट्रांसमीटर के संस्थापन (Installation) का कार्य कुशलता पूर्वक सम्पन्न करवाया था । भारतीय प्रसारण अभियांत्रिकी सेवा (I.B.E.S.) में 01 जनवरी 1992 को वे प्रोन्नत होकर स.के.अभियन्ता हुए और आकाशवाणी गोरखपुर में पदस्थापित हुए।
एक बार पुन: सहायक निदेशक, आकाशवाणी महानिदेशालय, नई दिल्ली में "योजना और विकास एकक" ( Planning & Development unit) में october 2000 में उनका तबादला हुआ, जहाँ उन्होंने उस समय देश भर में शुरू किये जाने वाले FM स्टेशनों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। तत्पश्चात, वहीँ पर केंद्र अभियन्ता (Station Engineer) के रूप में अक्टूबर 2003 में प्रोन्नत हुए, तथा उन्हें मणिपुर राज्य की राजधानी के "आकाशवाणी इंफाल" केन्द्र की जिम्मेदारी मिली। मणिपुर राज्य के सभी केंद्र (चूड़ा चांदपुर और शिशिरपुर) भी आकाशवाणी इंफाल के अन्तर्गत ही आते हैं। आपने अतिसंवेदनशील और तनावग्रस्त मणिपुर राज्य के सभी केंद्रों का केंद्र अभियन्ता होते हुए "केंद्राध्यक्ष" के रूप में सफलतापूर्वक संचालन किया। एक तस्वीर में, मिलिट्री बोट में मणिपुर के आकाशवाणी समाचार संवाददाता श्री बी बी शर्मा जी और सेना के जवानों के साथ करांग ज़िले में "अंडर ग्राउंड्स ग्रुप के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन की कवरेज हेतु" जीवन-रक्षक जैकेट पहन, साथ जाते उनकी तस्वीर आज भी उनके साहसी व्यक्तित्व का परिचायक है। समय बढ़ता रहा और अप्रैल 2006 में उनका पुनः केंद्र अभियन्ता के रूप में तबादला आकाशवाणी गोरखपुर हुआ। आप अप्रैल 2007 से इस केंद्र के "केंद्राध्यक्ष" बने, तथा 28 अगस्त 2009 तक इसी पद पर काम करते हुए उन्होंने अपनी जीवन यात्रा सम्पन्न की। इस कार्यकाल में भी उन्होंने अपने इस इलाके के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान "भोजपुरी समाचार बुलेटिन" को शुरू करवाने में करके दी, क्योकि आकाशवाणी वाराणसी में अर्थ-स्टेशन (सेटेलाइट अपलिंकिंग) बनने से गोरखपुर से समाचार एकांश के वाराणसी स्थानांतरित होने की जबरदस्त संभावना बनने लगी थी, ऐसे में आपने इस एकांश को बचाने हेतु पूरे उ0प्र0 के अंशकालिक समाचार संवाददाताओं की गोरखपुर में 3 दिवसीय कार्यशाला आयोजित की, DG-news को बुलाया और इन तीन दिनों की इस कार्यशाला के बीच DG-news को गोरखपुर में समाचार एकांश रखे जाने को कन्विंस किया गया और दो अन्य समाचार बुलेटिन की अनुमति मांगी गई... इसमें पहली बार आकाशवाणी द्वारा "भोजपुरी बुलेटिन" शुरू करवाने की भी अनुमति शामिल थी, और नवम्बर 2008 में पहली भोजपुरी बुलेटिन आकाशवाणी के लिए गोरखपुर केंद्र से पढ़ी गई। वर्ष 1973 से 2009 के बीच लगभग 37 वर्ष की सेवा में आकाशवाणी गोरखपुर में इंजीनियरिंग विभाग के हर पद पर रहे। अपनी मृत्यु के समय वे आकाशवाणी के केंद्र अभियन्ता और केंद्राध्यक्ष के रूप में ही काम कर रहे थे।सचमुच राय साहब एक ऐसे कर्मयोगी थे जो अपने जीवन के अंतिम क्षण तक आकाशवाणी से जुड़े रहे।

इस महान कर्मयोगी ने 28 अगस्त 2009 को सहारा हॉस्पिटल, लखनऊ में आपने अंतिम सांस ली थी ।उनका भरा पूरा परिवार आज भी आकाशवाणी को अपना परिवार मानता है और उनके एक पुत्र श्री अजित कुमार राय तो अपने पिता की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए आकाशवाणी गोरखपुर के अभियांत्रिकी अनुभाग को अपनी मूल्यवान सेवाएं भी दे रहे हैं।प्रसार भारती परिवार ऐसे महान कर्मयोगी की सेवाओं को याद करते हुए उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।

द्वारा योगदान :- प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी,कार्यक्रम अधिकारी(आकाशवाणी)से.नि.लखनऊ।मोबाइल नं.9839229128ईमेल; darshgrandpa@gmail.com

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